विवेक झा, भोपाल। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल शाखा द्वारा शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं सामाजिक चिंतक डॉ. किरण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं आईसीएआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए प्रफुल्ल छाजेड़ तथा पीडीएससी चेयरमैन सीए अभय छाजेड़ की विशेष उपस्थिति रही। सेमिनार में प्रदेशभर से आए लगभग 200 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सहभागिता की।
बदलते दौर में सीए की भूमिका पर जोर
सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नए आर्थिक मॉडल का है। ऐसे समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को पारंपरिक कार्यशैली से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में अवसर तलाशने होंगे। वक्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप एडवाइजरी, फाइनेंशियल कंसल्टेंसी, रिस्क मैनेजमेंट और कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में सीए की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।
“लीडर वही जो चुनौतियों में रास्ता बनाए” : किरण बेदी
मुख्य अतिथि डॉ. किरण बेदी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि किसी भी प्रोफेशन में सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से मिलती है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की आर्थिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उन्हें केवल अकाउंट्स तक सीमित न रहकर समाज एवं संस्थाओं में नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर चुनौती अपने भीतर एक अवसर लेकर आती है। यदि व्यक्ति लगातार सीखने की आदत बनाए रखे और समय के साथ खुद को अपडेट करता रहे, तो वह किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने “आर्ट ऑफ लिविंग” के संदर्भ में मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और कार्य-जीवन संतुलन को भी जरूरी बताया।
प्रोफेशनल स्किल के साथ व्यक्तित्व विकास भी जरूरी
आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष सीए प्रफुल्ल छाजेड़ ने कहा कि वर्तमान समय में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। एक सफल प्रोफेशनल बनने के लिए कम्युनिकेशन स्किल, निर्णय क्षमता और व्यक्तित्व विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को क्लाइंट्स और उद्योग जगत की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज सीए केवल टैक्सेशन और ऑडिट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉरपोरेट स्ट्रेटेजी, फाइनेंशियल प्लानिंग और बिजनेस एडवाइजरी में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले समय में यह क्षेत्र युवाओं के लिए और अधिक संभावनाएं लेकर आएगा।
युवाओं को प्रेरित करने वाला रहा आयोजन
पीडीएससी चेयरमैन सीए अभय छाजेड़ ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रोफेशनल्स को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आईसीएआई भोपाल शाखा लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिनसे सदस्यों को नई जानकारी और व्यावसायिक दृष्टिकोण प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और प्रतिभागियों के बीच संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने करियर, नेतृत्व और प्रोफेशनल चुनौतियों से जुड़े प्रश्न पूछे। सेमिनार के अंत में प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी और प्रेरणादायी आयोजन बताया।